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पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई और बड़े मामलों का खुलासा हो सकेगा
कोलकाता। बागुईआटी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए डकैती की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन कुख्यात बदमाशों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे वारदात को अंजाम देने की फिराक में एकत्रित हुए थे। पकड़े गए आरोपितों के पास से एक आग्नेयास्त्र, दो राउंड कारतूस, एक धारदार चॉपर और ताला तोडऩे के उपकरण बरामद किए गए हैं। इन बदमाशों की पहचान इरशाद अफरीदी उर्फ छोटू, मोहम्मद जफर और शेख इजान अली के रूप में हुई है, जिनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बीती रात केष्टपुर और साल्टलेक को जोडऩे वाले 7 नंबर फुटब्रिज के समीप एक बाइक पर सवार कुछ संदिग्ध युवकों को घूमते देखा गया था। स्थानीय लोगों की सूचना पर बागुईआटी थाने की पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क जवानों ने पीछा कर तीनों को धर दबोचा। पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये वही बदमाश हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले दक्षिण विधाननगर थाने की पुलिस टीम पर उस समय हमला किया था, जब वे चोरी के एक मामले में दबिश देने पहुंचे थे। उस हिंसक घटना के बाद से ही पुलिस को इनकी तलाश थी।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि ये तीनों आरोपी इलाके में सक्रिय एक बड़े आपराधिक गिरोह का हिस्सा हैं। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से इनकी पहचान सुनिश्चित की गई थी। बागुईआटी और आसपास के क्षेत्रों में हुई हालिया चोरी और छिनतई की कई वारदातों में भी इनकी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को बारासात अदालत में पेश किया, जहां से गिरोह के अन्य सदस्यों और भावी साजिशों का पता लगाने के लिए उनकी 14 दिनों की पुलिस हिरासत मांगी गई है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान कई और बड़े मामलों का खुलासा हो सकेगा।